रिहायशी इलाके में चल रहा था ‘शोर वाला कारखाना’, निगम ने मारा छापा; एम्ब्रॉयडरी यूनिट सील

बिलासपुर। रिहायशी कॉलोनी में घर को कारखाने में तब्दील कर भारी मशीनों से एम्ब्रॉयडरी का कारोबार चलाना संचालक को भारी पड़ गया। लगातार शोर की शिकायतों के बाद नगर निगम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और नियमों के विपरीत संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधि पर सीलिंग की कार्रवाई कर दी।
नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे के निर्देश पर जोन क्रमांक-04 की टीम ने विनोबा नगर की गली नंबर L/8 में यह कार्रवाई की। करीब 2000 वर्गफीट क्षेत्र में अंशुल पुरी द्वारा एम्ब्रॉयडरी का काम संचालित किया जा रहा था। यहां भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिनसे निकलने वाली तेज आवाज से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी।

शिकायत पहुंची तो निगम ने शुरू की जांच
स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने जोन आयुक्त अंकुर पांडेय को मौके की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद निगम की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
टीम पहुंची और परिसर पर लगा दिया सील
जोन आयुक्त अंकुर पांडेय के निर्देश पर उप अभियंता रवि नवरंग, राजस्व प्रभारी नीरज अग्रवाल, अतिक्रमण प्रभारी संतोष वर्मा, शिव बहादुर समेत निगम की टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त कार्रवाई के दौरान रिहायशी क्षेत्र में संचालित व्यावसायिक परिसर को सील कर दिया गया।

रिहायशी इलाकों में अब निगम की नजर
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि रिहायशी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने और आसपास के रहवासियों को परेशानी होने की शिकायतों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
यानी अब रिहायशी कॉलोनियों में घर, दुकान या परिसर को नियमों के विपरीत कारखाना या व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाने वालों पर निगम की नजर रहेगी।










